येभी किसी कड़वे सच से कम नही…

येभी किसी कड़वे सच से कम नही,

नेताओ को भूख कुछ कम नही,

 

जनता के खुशियों का खून अभी बस नही,

अवाम है वहम में ज़िंदा क्या ये कम नही,

 

चैन से खा पी न सके और खुल के जिये नही,

ये आज़ादी क्या किसी गुलामी से कम नहीं?

 

~ शाकिर हूसेन

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