मे सर ढक कर चलू, पर मेरी आवाज़ रहेगी हमेशा बुलंद! साथ मेरे है पूरा भारत, बस खिलाफ है लोग चंद!!

वो लोग जिन्हें लड़की के छोटे कपड़ो से प्रॉबलम थी, आज उन्हें पर्दे में ढकी लड़की से प्रॉबलम है।हमें प्रॉबलम भी हमेशा लड़की से ही होती है और अगर वो मुस्लिम हो तो अल्लह हूं अकबर।

अगर कोई लड़की  हिजाब पहनना चाहती है तो उसे किसी को या देश को क्या प्रॉब्लम होनी चाहिएं? 

आज ज्यदातार कॉलेज में मंदिर आपको देखने मिल जाएँगे ! वो सिर्फ हिन्दू कॉलेज नहीं है वा हा हर धर्म के बच्चे पढ़ते है, पर हर कॉलेज में एक मूर्ति ज़रूर होती है, मगर हिजाब पहन कर लड़कियाँ कॉलेज तक भी नहीं जा सकती!

हिजाब पहनने से अगर लड़कियों को प्रॉबलम होती तो वो लड़ती । ये वो कुछ लोग है जो इस्लाम से नफ़रत करते है । ये वो लोग है जो सियासत्त के चक्कर में देश के  युवा कहा जा रहे है…… परवा नहीं करते । 

क्या खुबसुरत लड़ाई थी वो जब हम पेन्सिल के लिए लड़ा करते थे। 

क्या बदसुरत लड़ाई है ये, आज हम मजहब पे लड़ रहे है।

क्या खुबसुरत शरारत थी वो जब हम एक दूसरे की टांग खींचा करते थे,

क्या बदसुरत लड़ाई है ये जो आज लड़की का हिजाब खींचते है।

तुम नाम लेकर राम का,

रावण के काम करते हो ।

तुम उठा कर भगवा रंग ,

भगवान को क्यू बदनाम करते हो।

संविधान कहता है  “Every citizen has the right to practice and promote their religion peacefully”. 

हिजाब हमारा हक है। अपने धर्म को मानने  का अधिकार हर इंडियन को है, अगर हिजाब पे सवाल उठता है तो कोई बिंदी ,पगड़ी स्कूल/कॉलेज में रखी मूर्ति पे सवाल क्यू नही करता ?

  • सलमा अन्सारी

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